गाजियाबाद : दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘परिवर्तन योजना’ को लेकर संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) में एक अहम बैठक बुलाई गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में हुई इस बैठक में जिले के ट्रांसपोर्टरों और वाहन ऑपरेटरों को योजना से जुड़ी रियायतों की जानकारी दी गई।

योजना के तहत मिलने वाली प्रमुख रियायतें:

बैंक ब्याज पर सब्सिडी: पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर (RVSF) से स्क्रैप सर्टिफिकेट (COD) प्राप्त कर नया BS-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए लोन लेने पर बैंक ब्याज में 5% की छूट मिलेगी।

वाहन निर्माताओं से छूट: योजना के तहत नया BS-6 वाहन लेने पर ऑटो कंपनियां 8% तक का डिस्काउंट देंगी।

टैक्स और फीस की पूरी छूट: नया BS-6 वाहन खरीदने पर 10 साल तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पर 100% की छूट का प्रावधान है।

पुराने BS-6 वाहनों पर छूट: अगर कोई व्यक्ति पुरानी BS-6 गाड़ी खरीदता है, तो उसे 10 वर्षों के लिए रोड टैक्स में 50% छूट दी जाएगी।

बकाया टैक्स माफ: 1 साल से अधिक समय से लंबित रोड टैक्स को पूरी तरह से माफ किया जाएगा।

ईंधन वाउचर और वित्तीय प्रोत्साहन:

सरकार नए वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए फ्यूल वाउचर और एकमुश्त आर्थिक सहायता भी दे रही है:

  1. BS-6 (डीजल/CNG) वाहनों के लिए 5 साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर: हल्के वाहन: ₹1,200 प्रतिमाह मध्यम वाहन: ₹2,500 प्रतिमाह भारी वाहन: ₹4,800 प्रतिमाह
  2. इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर एकमुश्त वित्तीय मदद: हल्के EV: ₹64,000 तक मध्यम EV: ₹1,28,000 तक भारी EV: ₹2,56,000 तक

अधिकारियों ने ऑपरेटरों से की अपील

ARTO (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस नीति का मकसद ट्रांसपोर्टरों को राहत देने के साथ-साथ एनसीआर में स्वच्छ परिवहन प्रणाली विकसित करना है। उन्होंने ऑपरेटरों से खुद इस योजना से जुड़ने और अन्य वाहन मालिकों को इसके प्रति जागरूक करने का अनुरोध किया। साथ ही, सड़क सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करने में सहयोग मांगा।

एनसीआर में हर साल गहराते प्रदूषण के संकट को देखते हुए यह पहल काफी प्रासंगिक है। पुराने व्यावसायिक वाहनों की जगह नए और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को लाने के लिए दी जा रही भारी आर्थिक छूट ट्रांसपोर्टरों के लिए राहत भरी है। इससे ना केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि परिवहन व्यवस्था भी आधुनिक बनेगी।

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