एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर परिवहन विभाग का कड़ा शिकंजा, चार जिलों में विशेष अभियान शुरू
गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और हापुड़ में गठित हुईं विशेष प्रवर्तन टीमें; पुलिस और यातायात पुलिस के साथ मिलकर होगी सख्त कार्रवाई
गाजियाबाद में शुरुआती दो दिनों में ही 32 खटारा गाड़ियां जब्त कर अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटरों के हवाले की गईं
विशेष संवाददाता
गाजियाबाद/नोएडा। NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने ‘एंड-ऑफ-लाइफ’ यानी अपनी वैध आयु सीमा पूर्ण कर चुके खटारा वाहनों के विरुद्ध अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा अभियान शुरू कर दिया है। उप परिवहन आयुक्त (मेरठ परिक्षेत्र) के दिशा-निर्देशों पर गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा), बुलंदशहर और हापुड़ जिलों में विशेष प्रवर्तन दलों का गठन किया गया है। ये टीमें सड़कों पर उतरकर उन गाड़ियों को जब्त कर रही हैं जो समय सीमा पूरी होने के बाद भी अवैध रूप से चलाई जा रही हैं।
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर गाज
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना और राष्ट्रीय हरित अधिकरण NGT के सख्त आदेशों के आलोक में एनसीआर क्षेत्र में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल चालित वाहनों तथा 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल चालित वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद कई वाहन स्वामी इन नियमों की अनदेखी कर गाड़ियां चला रहे हैं। अब परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे वाहनों को किसी भी सूरत में सड़कों पर नहीं दौड़ने दिया जाएगा।
दो दिनों में 32 वाहन जब्त, सीधे स्क्रैपिंग सेंटर भेजे गए
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) गाजियाबाद, श्री अमित राजन राय ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में विशेष अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। प्रवर्तन टीमों ने विगत केवल दो दिनों के भीतर ही चेकिंग के दौरान 32 ऐसे वाहनों को जब्त किया है, जिनकी आयु सीमा समाप्त हो चुकी थी। इन सभी वाहनों को तत्काल प्रभाव से पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों को सुपुर्द कर दिया गया है, जहां नियमानुसार उन्हें स्क्रैप किया जाएगा।
स्क्रैपिंग सेंटर संचालकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

अभियान को पारदर्शी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने 25 अगस्त 2026 को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आहूत की। इस बैठक में प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान जब्त किए गए वाहनों को समयबद्ध तरीके से नष्ट करने और पूरी प्रक्रिया को सरकारी मानकों के अनुरूप पूरा करने पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
बैठक में उपस्थित स्क्रैपिंग सेंटर संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए कि, प्रवर्तन टीमों द्वारा सौंपे गए EOL वाहनों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया बिना किसी देरी के निर्धारित नियमों एवं मानकों के तहत पूरी की जाए। प्रत्येक स्क्रैप किए गए वाहन का संपूर्ण अभिलेख, ढांचागत विवरण और आधिकारिक प्रमाण पत्र सुरक्षित एवं अद्यतन रखा जाए। किसी भी वाहन के कलपुर्जों या कागजातों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। पुलिस और यातायात पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई
एआरटीओ (प्रवर्तन) अमित राजन राय ने आगे बताया कि प्रवर्तन दल जनपदीय पुलिस और यातायात पुलिस के साथ मिलकर एकीकृत रूप से काम कर रहे हैं। प्रमुख चौराहों, अंतरराज्यीय सीमाओं, एक्सप्रेस-वे और घनी आबादी वाले इलाकों में विशेष पिकेट लगाकर चेकिंग की जा रही है। पुलिस और परिवहन विभाग के इस संयुक्त समन्वय से अब खटारा वाहनों के चालकों के लिए बचना मुश्किल होगा।
गाजियाबाद जिले में स्थित 05 अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर
परिवहन विभाग ने आम जनमानस की सुविधा और पारदर्शी प्रक्रिया के लिए गाजियाबाद में संचालित 05 सरकार द्वारा पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटरों की सूची एवं पते जारी किए हैं
आर.के. स्विफ्ट सॉल्यूशन प्रा.लि.: खसरा नंबर 05, ग्राम शरफुद्दीन, जावली, लोनी, गाजियाबाद।
सरल ऑटो स्क्रैपिंग इंडिया प्रा.लि.: खसरा नंबर 1319, 7 किलोमीटर, दिल्ली-मेरठ रोड, मोरटा, गाजियाबाद।
सेवन स्टार ऑटो स्क्रैपिंग इंडिया प्रा.लि.: खसरा नंबर 11, ग्राम मोहिउद्दीनपुर, मेनापुर, गाजियाबाद।
एस.एस. एंटरप्राइजेज: खसरा नंबर 505, बंथला, गाजियाबाद।
वाई.जी. स्टार ऑटो स्क्रैपिंग सेंटर प्रा.लि.: खसरा नंबर 405, 404, ग्राम भनेड़ा खुर्द, लोनी, गाजियाबाद।
परिवहन विभाग की वाहन स्वामियों से भावुक व सख्त अपील
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) और निर्माण तिथि की स्वयं जांच कर लें। यदि वाहन 10 साल पुराना (डीजल) या 15 साल पुराना (पेट्रोल) हो चुका है, तो उसे सार्वजनिक सड़कों पर कतई न निकालें। वाहन स्वामी कानूनी झंझटों, भारी जुर्माने और जब्ती की कार्रवाई से बचने के लिए स्वयं आगे आकर अपने वाहनों को अधिकृत RVSF सेंटरों के माध्यम से स्क्रैप कराएं। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह विशेष अभियान और अधिक तीव्रता के साथ जारी रहेगा।