गाजियाबाद। गाजियाबाद संभाग के संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) प्रमोद कुमार सिंह ने प्राइवेट स्टेज कैरिज मार्गों पर नियम-कानून ताक पर रखकर बसें चलाने वाले और मनमानी करने वाले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के अधिकारियों पर कड़ा प्रशासनिक शिकंजा कसा है। निजी बस संचालकों की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लेते हुए RTO प्रमोद कुमार सिंह ने परिवहन निगम के बड़े अफसरों को तलब कर उनकी क्लास लगाई और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि निजी बस स्वामियों के अधिकारों और परमिट मार्गों का किसी भी कीमत पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आरटीओ कार्यालय में बुलाई गई इस उच्चस्तरीय बैठक में गाजियाबाद के क्षेत्रीय प्रबंधक केसरी नंदन चौधरी, उप यांत्रिक अभियंता लोकेश राजपूत समेत नोएडा, बुलंदशहर और गाजियाबाद के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) उपस्थित रहे।

आरटीओ प्रमोद कुमार सिंह के सख्त निर्देश और चाबुक

बिना परमिट अवैध संचालन पर पूर्ण रोक: RTO प्रमोद कुमार सिंह ने निगम के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि निजी वाहन स्वामियों के स्वीकृत मार्गों पर परिवहन निगम की बसें बिना वैध परमिट के किसी भी स्थिति में नहीं चलेंगी। अवैध रूप से बसें दौड़ाने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी।

निजी स्टैंडों पर कब्जे पर पाबंदी: रोडवेज बसों द्वारा निजी बस स्वामियों के तय स्टैंडों और विराम स्थलों का अवैध रूप से इस्तेमाल करने पर RTO ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने निगम को स्पष्ट आदेश दिया कि रोडवेज बसें केवल अपने निर्धारित डिपो और अधिकृत स्टैंडों से ही चलेंगी।

चालक-परिचालकों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य: यात्रियों की सुरक्षा और अनुशासित संचालन सुनिश्चित करने के लिए आरटीओ ने परिवहन निगम को निर्देश दिए कि वे अपनी बसों के चालकों और परिचालकों (ड्राइवर-कंडक्टर) का पुलिस सत्यापन (Character Verification) प्राथमिकता से कराएं।

अवैध ठहराव और जाम पर नकेल: मार्गों पर जगह-जगह अनाधिकृत रूप से बसें खड़ी कर जाम लगाने और निजी संचालकों का रास्ता रोकने वाली रोडवेज बसों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ग्रामीण सेवा का सुगम संचालन: ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण सेवा’ के तहत चिह्नित ग्रामीण रूटों पर भी नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से बसों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।

झुकना पड़ा निगम प्रशासन को, दिया सुधार का आश्वासन

RTO प्रमोद कुमार सिंह के सख्त तेवरों और तथ्यपरक कड़े रुख के सामने परिवहन निगम के अधिकारियों को बैकफुट पर आना पड़ा। बैठक में मौजूद निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक व अन्य अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वे सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करेंगे। साथ ही, उन्होंने आरटीओ को भरोसा दिलाया कि अब किसी भी निजी बस संचालक के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं होगा और उनकी समस्याओं व असुविधाओं को तुरंत दूर किया जाएगा।

आरटीओ प्रमोद कुमार सिंह के इस कड़े एक्शन से संभाग के निजी बस संचालकों में खुशी की लहर है और उन्होंने पारदर्शी कानून व्यवस्था लागू करने के लिए आरटीओ के इस कदम की सराहना की है।

लेखक

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

You missed